भारत और पाकिस्तान के बीच अप्रैल 2025 में चार दिनों तक चली तीव्र सैन्य झड़प, जिसमें लड़ाकू विमान, मिसाइल, और ड्रोन हमले शामिल थे, के बाद 10 मई 2025 को अचानक युद्धविराम की घोषणा हुई। सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, इस संघर्ष में दोनों देशों ने एक-दूसरे के सैन्य ठिकानों पर हमले किए, जिसमें भारत ने रावलपिंडी, कराची, और लाहौर के लक्ष्यों को निशाना बनाया। पाकिस्तान के लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने कहा कि भारत ने 8 और 9 मई को हमले शुरू करने के बाद युद्धविराम की मांग की।
12 मई 2025 को, द न्यूयॉर्क टाइम्स ने बताया कि दोनों देशों ने युद्धविराम को बनाए रखने के लिए बातचीत शुरू की, जिसके बाद नागरिक हवाई अड्डे फिर से खोले गए और दोनों देशों में स्टॉक मार्केट में उछाल देखा गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत "पाकिस्तान के हर कदम पर नजर रख रहा है," लेकिन सैन्य कार्रवाई को "अस्थायी रूप से निलंबित" कर दिया गया है। द गार्डियन के अनुसार, इस युद्धविराम में कई देशों की फोन कॉल और कूटनीतिक मध्यस्थता की भूमिका रही। सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स ने इस युद्धविराम को क्षेत्रीय शांति के लिए सकारात्मक कदम बताया, जबकि अन्य ने दोनों देशों के बीच लंबे समय तक शांति की संभावना पर संदेह जताया। यह खबर दक्षिण एशिया में स्थिरता के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ है।





