स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही से CHO की आत्महत्या, तीन साल में पांचवीं मौत
छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर उस समय सवाल खड़े हो गए जब एक और सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (CHO) ने आत्महत्या कर ली। मृतक अधिकारी आरती यादव जांगलपुर के आयुष्मान आरोग्य केंद्र में कार्यरत थीं और वे एक साल के बच्चे की मां थीं
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बताया गया है कि लगातार कार्य का दबाव, अवकाश न मिलना, वेतन और प्रोत्साहन राशि में देरी, तथा वरिष्ठ अधिकारियों से मिल रही मानसिक प्रताड़ना के कारण उन्होंने यह कदम उठाया। आरती ने कई बार स्थानांतरण की मांग की थी, जिसे नजरअंदाज कर दिया गया। इसके साथ ही गोपनीय मूल्यांकन रिपोर्ट (ACR) को लेकर भी उन्हें लगातार मानसिक रूप से परेशान किया गया। यह पिछले तीन वर्षों में छत्तीसगढ़ में CHO की पांचवीं आत्महत्या है। CHO संघ ने आरोप लगाया है कि महिला कर्मचारियों की समस्याओं को नजरअंदाज किया जा रहा है और मानसिक स्वास्थ्य पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। स्वास्थ्य अधिकारियों की मांग है कि इस मामले की उच्चस्तरीय जांच हो और CHO के लिए बेहतर कार्य वातावरण, मानसिक स्वास्थ्य सहायता और पारदर्शी प्रशासन सुनिश्चित किया जाए।





