गूगल और यूट्यूब ने राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) के सहयोग से कक्षा 1 से 12 तक के छात्रों के लिए 29 भारतीय भाषाओं में नए शैक्षिक चैनल लॉन्च किए हैं। यह पहल डिजिटल शिक्षा को और अधिक समावेशी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। अब छात्र अपनी मातृभाषा में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे, जिससे उनकी समझ और सीखने की क्षमता बेहतर होगी। खास बात यह है कि इन चैनलों में सांकेतिक भाषा के माध्यम से विकलांग छात्रों के लिए भी सामग्री उपलब्ध कराई गई है, जिससे सभी छात्रों तक शिक्षा की पहुंच सुनिश्चित हो सके।
इसके अलावा, गूगल ने AI आधारित टूल्स और मुफ्त प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम भी शुरू किए हैं, जो छात्रों को उनकी खुद की गति से सीखने और कौशल विकसित करने का अवसर देते हैं। यह डिजिटल प्लेटफॉर्म्स स्कूल और कॉलेज के पारंपरिक पाठ्यक्रमों को पूरक करते हुए शिक्षा की गुणवत्ता और पहुंच दोनों को बढ़ाने में मदद कर रहे हैं। भारत में शिक्षा क्षेत्र में हो रहे इस डिजिटल क्रांति से ग्रामीण और शहरी दोनों ही क्षेत्रों के छात्र लाभान्वित होंगे।
इस पहल से यह भी उम्मीद की जा रही है कि शिक्षा का डिजिटल स्वरूप COVID-19 जैसे संकट के दौरान निरंतरता बनाए रखने में भी सहायक साबित होगा। शिक्षकों और छात्रों दोनों के लिए इन संसाधनों का उपयोग करना आसान होगा, क्योंकि वे यूट्यूब जैसे लोकप्रिय प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं, जो पहले से ही करोड़ों लोगों द्वारा इस्तेमाल किया जाता है। भविष्य में ऐसे प्रयास और भी बढ़ेंगे, जिससे भारत में शिक्षा का स्वरूप पूरी तरह से बदल जाएगा।





