भारतीय शेयर बाजार में आज का सबसे बड़ा घटनाक्रम अडानी ग्रुप से जुड़ा रहा। दरअसल, भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने हिंडनबर्ग रिसर्च की उस रिपोर्ट की जांच पूरी कर ली है, जिसमें अडानी ग्रुप पर स्टॉक में गड़बड़ी और संबंधित पक्षों से फर्जी सौदे करने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए थे। इस रिपोर्ट के आने के बाद पिछले साल से ही अडानी ग्रुप चर्चा में रहा और निवेशकों का भरोसा भी डगमगाया था।
सेबी ने अपनी जांच रिपोर्ट में कहा है कि अधिकांश आरोप निराधार हैं और हिंडनबर्ग ने जिन डील्स को “related party transaction” बताया था, वे उस समय के नियमों के अनुसार वैध थीं। इस फैसले के बाद अदानी ग्रुप के शेयरों में जोरदार तेजी देखने को मिली। खासकर Adani Total Gas जैसे शेयरों में 10% तक की बढ़त दर्ज की गई। निवेशकों में एक बार फिर विश्वास लौटने की उम्मीद जताई जा रही है।
हालांकि, यह मामला पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है क्योंकि अडानी ग्रुप पर न्यूनतम सार्वजनिक शेयरधारिता (Minimum Public Shareholding) और अन्य कुछ मामलों की जांच अभी भी जारी है। फिर भी, यह क्लीन चिटअडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी और उनके निवेशकों के लिए राहत की बड़ी खबर है।





