प्रसवोपरांत महिलाओं में पित्ताशय की पथरी के बढ़ते मामले — चिकित्सकों ने घी-मक्खन और तेलों के अत्यधिक सेवन पर दी चेतावनी

हाल ही में प्रसव के बाद महिलाओं में पित्ताशय की पथरी के छह नए मामले सामने आए हैं। चिकित्सकों का कहना है कि इसका मुख्य कारण प्रसवोपरांत अवधि में घी, मक्खन और तेलों का अत्यधिक सेवन है।

 


अस्पतालों में पिछले महीने प्रसवोपरांत महिलाओं में पित्ताशय की पथरी के मामले तेजी से बढ़े हैं। विशेषज्ञों ने बताया कि प्रसव के बाद महिलाओं का शरीर पहले से ही संवेदनशील होता है, और इस समय अधिक मात्रा में तैलीय पदार्थों का सेवन शरीर में वसा जमाव को बढ़ा देता है, जिससे पित्ताशय में पथरी बनने की संभावना बढ़ जाती है।
चिकित्सकों ने महिलाओं को सलाह दी है कि इस अवधि में हल्का, संतुलित और पौष्टिक आहार अपनाएं, पर्याप्त पानी पिएं और समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण कराएं।
यह चेतावनी मातृ स्वास्थ्य और सामाजिक स्वास्थ्य दोनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि संतुलित आहार ही इस समस्या से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है।

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