हरियाणा में साइबर फ्रॉड का बड़ा खुलासा: म्यांमार-थाईलैंड से 43 युवाओं को लौटाया, 'म्यूल अकाउंट' चेन पर पुलिस की सख्ती
गुरुग्राम, 20 November 2025: हरियाणा पुलिस की साइबर विंग ने एक अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड रैकेट का पर्दाफाश किया है, जिसमें म्यांमार और थाईलैंड से 43 हरियाणवी युवाओं को सुरक्षित वापस लाया गया। ये युवा फर्जी कॉल सेंटर्स में फंसाए गए थे, जहां वे 'म्यूल अकाउंट' के जरिए करोड़ों का फ्रॉड चला रहे थे। पुलिस ने 100 से अधिक बैंक अकाउंट फ्रीज किए हैं, जो विदेशी गैंग्स से जुड़े थे।
अधिकारी ने बताया कि रैकेट ने सोशल मीडिया पर नौकरी के लालच देकर युवाओं को विदेश भेजा। वहां उन्हें डिजिटल अरेस्ट और इनवेस्टमेंट स्कैम के लिए इस्तेमाल किया गया। हरियाणा से 43 युवा, ज्यादातर 20-25 साल के, फंस चुके थे। सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप से इन्हें रेस्क्यू किया गया। एक युवक ने बताया, "हमें वादा किया गया था कि अच्छी सैलरी मिलेगी, लेकिन जबरन फ्रॉड कॉल्स करवाए गए। भागने की कोशिश पर पिटाई की धमकी दी गई।"
पुलिस ने 'ऑपरेशन ट्रैक डाउन' के तहत रोहतक में दो बदमाशों को गिरफ्तार किया, जो फोन हैकिंग से 4.28 लाख ऐंठ चुके थे। डीजीपी ने विदेशी गैंगस्टर्स को चेतावनी दी कि साइबर क्राइम अब अपराध है। राज्य में पिछले साल 50,000 से अधिक फ्रॉड केस दर्ज हुए, जिनमें 600 करोड़ का नुकसान हुआ। सरकार ने जागरूकता कैंपेन शुरू किया है, जिसमें स्कूलों में साइबर सिक्योरिटी की ट्रेनिंग दी जाएगी।
यह अभियान हरियाणा को साइबर सिक्योर राज्य बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। युवाओं को सलाह दी गई है कि विदेशी नौकरियों की अच्छी तरह जांच करें। पुलिस ने हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है, ताकि फंसे लोग तुरंत मदद मांग सकें। यह सफलता न केवल परिवारों की खुशी लाई है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की साइबर फाइटिंग क्षमता को भी मजबूत करती है।





