पंजाब में ड्रग्स की लत का भयावह चेहरा: नशेड़ी दंपति ने नवजात बेटी को मात्र 20 हजार में बेचा, अब बच्ची को वापस मांग रहे; हाईकोर्ट ने सरकार से तुरंत रिपोर्ट तलब की
चंडीगढ़, 20 नवंबर 2025: पंजाब के तरन तारन जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे राज्य को झकझोर दिया है। एक नशेड़ी दंपति ने अपनी नवजात बेटी को ड्रग्स की लत पूरी करने के लिए मात्र 20 हजार रुपये में बेच दिया। अब जब मामला सामने आया है, तो वही दंपति बच्चे को वापस मांग रहा है। पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकार को तत्काल रिपोर्ट सौंपने के आदेश दिए हैं, जिसमें बच्चे की स्थिति और कस्टडी पर विस्तृत जानकारी मांगी गई है।
पुलिस के अनुसार, मृतक 58 वर्षीय व्यक्ति का बेटा और उसकी साथी पर आरोप है कि उन्होंने नवजात शिशु को स्थानीय एक दलाल को बेच दिया था। दंपति पर ड्रग्स की भारी लत थी, जिसके कारण वे आर्थिक रूप से टूट चुके थे। जब पुलिस को गुप्त सूचना मिली, तो छापेमारी में दलाल के पास से बच्चे को बरामद कर लिया गया और उसे नजदीकी शेल्टर होम में भेज दिया गया। आरोपी दंपति ने पूछताछ में कबूल किया कि नशे की तलब में उन्होंने यह कदम उठाया, लेकिन अब पछता रहे हैं। स्थानीय एसएसपी ने बताया कि दंपति को गिरफ्तार कर लिया गया है और मामले में दलाल समेत तीन अन्य लोग भी नामजद हैं। फॉरेंसिक टीम ने उनके घर से ड्रग्स के अवशेष बरामद किए हैं।
यह घटना पंजाब में ड्रग्स की बढ़ती समस्या को एक बार फिर उजागर करती है। राज्य में पिछले एक साल में ऐसी 200 से अधिक घटनाएं दर्ज हो चुकी हैं, जहां नशे की लत ने परिवारों को तबाह कर दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि ग्रामीण इलाकों में युवाओं के बीच हेरोइन और सिंथेटिक ड्रग्स का सेवन 40 प्रतिशत बढ़ गया है। सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सरकार से मांग की है कि डी-एडिक्शन सेंटर्स की संख्या बढ़ाई जाए और स्कूलों में जागरूकता अभियान चलाए जाएं। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मामले का संज्ञान लेते हुए विशेष जांच टीम गठित करने के आदेश दिए हैं। बच्चे की मां, जो खुद नशे के चंगुल में फंसी हुई है, ने कोर्ट में अर्जी देकर बच्चे की कस्टडी मांगी है, लेकिन जज ने सख्ती से कहा कि पहले डी-एडिक्शन ट्रीटमेंट पूरा करें। यह ट्रेजेडी न केवल एक परिवार का दर्द है, बल्कि पूरे समाज के लिए एक सबक है कि नशे के खिलाफ सामूहिक लड़ाई जरूरी है। स्थानीय स्तर पर एनजीओ ने बच्चे के लिए फंड रेजर शुरू किया है, ताकि उसे बेहतर भविष्य मिल सके।





