भाषा नियम बदलाव को लेकर CM हेमंत से मिले मिथिलेश ठाकुर
रांची : झारखंड के गढ़वा और पलामू क्षेत्र के युवाओं के हित में पूर्व मंत्री और झामुमो के केंद्रीय महासचिव मिथिलेश ठाकुर ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात कर पलामू प्रमंडल के युवाओं की समस्याओं और रोजगार से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की और एक मांग-पत्र भी सौंपा।
मुलाकात के दौरान मिथिलेश ठाकुर ने विशेष रूप से झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (JTET) की नियमावली में स्थानीय भाषा की अनिवार्यता से हो रही परेशानियों का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि पलामू प्रमंडल की भाषाई स्थिति राज्य के अन्य क्षेत्रों से अलग है, ऐसे में वर्तमान नियमों के कारण यहां के युवाओं को परीक्षा में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि गढ़वा-पलामू क्षेत्र की वास्तविक भाषाई परिस्थिति को ध्यान में रखते हुए हिंदी, भोजपुरी और मगही को अनिवार्य विकल्पों के रूप में शामिल किया जाए। उनका कहना था कि किसी भी योग्य अभ्यर्थी के साथ केवल भाषा की वजह से अन्याय नहीं होना चाहिए और नियमों में आवश्यक बदलाव किए जाने चाहिए।
पूर्व मंत्री ने कहा कि इस संशोधन से हजारों युवाओं को राहत मिलेगी, जो लंबे समय से परीक्षा में भाषा संबंधी नियमों को सरल करने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने यह भी उम्मीद जताई कि राज्य सरकार इस विषय पर सकारात्मक निर्णय लेगी। मुलाकात के बाद मिथिलेश ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री का रवैया हमेशा युवाओं के हितों को लेकर संवेदनशील रहा है और उन्हें भरोसा है कि इस मुद्दे पर न्यायपूर्ण समाधान निकलेगा।
इस पहल को गढ़वा और पलामू क्षेत्र के उन हजारों अभ्यर्थियों के लिए राहत की उम्मीद के रूप में देखा जा रहा है, जो रोजगार और परीक्षा प्रक्रिया में बदलाव की प्रतीक्षा कर रहे हैं।





