नई दिल्ली : पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत में महंगाई को लेकर फिर चिंता बढ़ गई है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने साफ संकेत दिए हैं कि अगर हालात लंबे समय तक बिगड़े रहे, तो इसका असर सीधे आम लोगों की जेब पर पड़ सकता है।
आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि फिलहाल बैंक ‘वेट एंड वॉच’ यानी इंतजार और नजर रखने की रणनीति अपना रहा है।
उन्होंने प्रिंसटन यूनिवर्सिटी में एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि पश्चिम एशिया का संघर्ष भारत की अर्थव्यवस्था के लिए जोखिम बन सकता है।
आपूर्ति बाधित होने से महंगाई बढ़ने की आशंका
गवर्नर ने चेतावनी दी कि अगर युद्ध लंबा चलता है, तो:
- सप्लाई चेन बाधित होगी
- जरूरी चीजों की कमी हो सकती है
- महंगाई धीरे-धीरे बढ़कर स्थायी रूप ले सकती है
उन्होंने ‘सेकंड-राउंड इफेक्ट्स’ का जिक्र करते हुए कहा कि शुरुआती झटका बाद में बड़ी महंगाई में बदल सकता है।
पश्चिम एशिया पर भारत की निर्भरता, ऊर्जा और आयात पर असर की चिंता
आरबीआई के मुताबिक भारत कई मामलों में पश्चिम एशिया पर निर्भर है:
- कुल निर्यात का लगभग 1/6 हिस्सा
- आयात का 1/5 हिस्सा
- कच्चे तेल का करीब आधा आयात
- उर्वरक का 40% आयात
- विदेश से आने वाले पैसे (रेमिटेंस) का करीब 40%
यही वजह है कि वहां का कोई भी संकट भारत पर सीधा असर डाल सकता है।
रुपये में गिरावट, लेकिन विदेशी भंडार मजबूत
संघर्ष शुरू होने के बाद भारतीय रुपये में 4% से ज्यादा गिरावट आई है।
हालांकि RBI ने भरोसा दिलाया है कि:
- भारत के पास 710 अरब डॉलर का विदेशी मुद्रा भंडार है
- यह 11 महीने से ज्यादा के आयात के लिए पर्याप्त है
डिजिटल सिस्टम मजबूत, UPI ने बनाया रिकॉर्ड
संकट के बीच भारत की डिजिटल व्यवस्था मजबूत बनी हुई है।
UPI ने मार्च में 22 अरब ट्रांजैक्शन का रिकॉर्ड बनाया।
इसके अलावा RBI अब Unified Lending Interface (ULI) पर काम कर रहा है, जिससे किसानों और छोटे व्यापारियों को आसानी से लोन मिल सकेगा।
राजकोषीय स्थिति में सुधार
सरकार की वित्तीय स्थिति भी पहले से बेहतर हुई है:
- 2020-21 में राजकोषीय घाटा: 9.2%
- 2025-26 में घटकर: 4.4%
RBI के अनुसार यह भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था का संकेत है।
क्या आम लोगों पर पड़ेगा असर?
अगर पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ता है, तो आने वाले समय में:
- पेट्रोल-डीजल महंगे हो सकते हैं
- रोजमर्रा की चीजों के दाम बढ़ सकते हैं
- महंगाई का दबाव फिर बढ़ सकता है
फिलहाल RBI हालात पर नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर कदम उठा सकता है।





