पहलगाम हमले का राजनीतिक प्रभाव: सरकार और विपक्ष में तकरार

22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले, जिसमें 26 पर्यटक मारे गए, ने जम्मू और कश्मीर की राजनीति में भूचाल ला दिया। विपक्षी दलों ने केंद्र और स्थानीय प्रशासन पर सुरक्षा में ढिलाई का आरोप लगाया, जबकि सरकार ने इसे पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद का परिणाम बताया। पीडीपी नेता महबूबा मुफ्ती ने कहा, "यह हमला केंद्र की कश्मीर नीति की असफलता का सबूत है।"

 

हमले के बाद पर्यटन उद्योग ठप हो गया, जिसने स्थानीय अर्थव्यवस्था को प्रभावित किया। बीजेपी ने इस हमले को ऑपरेशन सिंदूर का आधार बनाया, लेकिन विपक्ष ने सवाल उठाया कि क्या यह सैन्य कार्रवाई पहले से तैयार थी। स्थानीय नेताओं ने केंद्र से पर्यटकों की सुरक्षा के लिए विशेष उपाय करने और प्रभावित परिवारों को मुआवजा देने की मांग की। हमले ने जम्मू और कश्मीर में शांति और स्थिरता की बहाली के लिए राजनीतिक एकजुटता की जरूरत को उजागर किया। यह घटना क्षेत्र में सरकार और विपक्ष के बीच वैचारिक मतभेदों को और गहरा रही है, जिसका असर भविष्य की राजनीति पर पड़ सकता है।

 

 

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