गुजरात

साबरमती नदी शुद्धिकरण परियोजना में अनियमितताओं का खुलासा

साबरमती नदी, जो अहमदाबाद और गुजरात की सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा है, इसके शुद्धिकरण के लिए चल रही परियोजना में गंभीर अनियमितताओं की खबरें सामने आई हैं। इस परियोजना के लिए केंद्र और राज्य सरकार ने करोड़ों रुपये आवंटित किए थे, लेकिन पर्यावरण कार्यकर्ताओं का आरोप है कि इसका बड़ा हिस्सा ठेकेदारों और अधिकारियों की जेब में गया। 

 

नदी के कुछ हिस्सों में प्रदूषण का स्तर अभी भी खतरनाक स्तर पर है, और सफाई कार्यों में कमी पाई गई है। कार्यकर्ताओं ने दावा किया कि कई ठेकेदारों ने निम्न गुणवत्ता वाली सामग्री का उपयोग किया और कार्यों को पूरा करने के लिए आवश्यक मानकों का पालन नहीं किया। इस मुद्दे को लेकर पर्यावरण संगठनों ने अहमदाबाद में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की और सरकार से पारदर्शी जाँच की माँग की। स्थानीय निवासियों ने भी नदी की स्थिति पर चिंता जताई, क्योंकि यह उनके दैनिक जीवन और स्वास्थ्य को प्रभावित कर रही है। 

साबरमती नदी का प्रदूषण न केवल पर्यावरणीय चिंता का विषय है, बल्कि यह अहमदाबाद के पर्यटन और सांस्कृतिक महत्व को भी प्रभावित कर सकता है। इस घोटाले ने सार्वजनिक धन के दुरुपयोग के मुद्दे को फिर से उजागर किया है। यदि सरकार इस मामले में त्वरित कार्रवाई नहीं करती, तो यह जनता के बीच असंतोष को और बढ़ा सकता है। कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन की चेतावनी दी है, और यह मामला राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियाँ बटोर सकता है। 

पर्यावरण मंत्रालय ने गुरुवार शाम को एक बयान जारी कर कहा कि इस मामले की जाँच के लिए एक समिति गठित की जाएगी। स्थानीय प्रशासन ने ठेकेदारों से जवाब माँगा है।

 

 

 

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