अमृतसर में नकली शराब त्रासदी: मरने वालों की संख्या 23, जाँच तेज
पंजाब के अमृतसर जिले के मजीठा और थ्रेवाल क्षेत्रों में नकली शराब के सेवन से मरने वालों की संख्या गुरुवार (15 मई 2025) को 23 तक पहुँच गई। इस त्रासदी में 13 अन्य लोग अस्पताल में भर्ती हैं, जिनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। अमृतसर के सिविल सर्जन डॉ. किरणदीप ने बताया कि सात गाँवों में डोर-टू-डोर सर्वे किया गया, ताकि और हताहतों को रोका जा सके।
पुलिस ने इस मामले में पाँच लोगों को गिरफ्तार किया है और 6,40,000 नशीली गोलियाँ जब्त की हैं। प्रारंभिक जाँच में पता चला कि सस्ती नकली शराब की होम डिलीवरी एक कॉल पर उपलब्ध थी, जिसने इस त्रासदी को और बढ़ाया। स्थानीय लोगों ने बताया कि अंग्रेजी शराब की ऊँची कीमत के कारण लोग कच्ची शराब का सेवन कर रहे थे। पंजाब सरकार ने मृतकों के परिजनों के लिए 5 लाख रुपये की अनुग्रह राशि की घोषणा की है। इस घटना ने राज्य में शराब माफिया और अवैध व्यापार पर सवाल उठाए हैं।
यह त्रासदी पंजाब में अवैध शराब के व्यापार को नियंत्रित करने में प्रशासन की विफलता को दर्शाती है। इससे जनता में आक्रोश बढ़ सकता है, और सरकार पर शराब माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई का दबाव है। यह घटना सामाजिक-आर्थिक मुद्दों, जैसे गरीबी और शराब की लत, को भी उजागर करती है। यदि दोषियों को दंडित नहीं किया गया, तो यह सरकार की विश्वसनीयता को प्रभावित कर सकता है।
पुलिस ने शुक्रवार सुबह तक दो और संदिग्धों को हिरासत में लिया। जाँच समिति गठित की गई है।





