जम्मू-कश्मीर में BJP की तिरंगा यात्रा
भाजपा ने जम्मू-कश्मीर में तिरंगा यात्रा की शुरुआत की, जिसमें हजारों कार्यकर्ता शामिल हुए। ये यात्रा देशभक्ति, विकास और धारा 370 के हटने के बाद हुए बदलावों को दिखाने के उद्देश्य से निकाली गई।
जम्मू-कश्मीर की राजनीति में इन दिनों राष्ट्रीयता की भावना एक बार फिर से केंद्र बिंदु बन चुकी है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने प्रदेश में बड़े स्तर पर 'तिरंगा यात्रा' की शुरुआत की है, जिसका उद्देश्य है – जम्मू-कश्मीर में राष्ट्रवाद की भावना को और मजबूत करना, अनुच्छेद 370 की समाप्ति के बाद आए विकास कार्यों को सामने लाना और आगामी चुनावों के लिए माहौल तैयार करना।
इस यात्रा की शुरुआत जम्मू शहर से 12 मई 2025 को हुई, जहां हजारों की संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक हाथों में तिरंगा लेकर सड़कों पर निकले। इस यात्रा में वरिष्ठ नेताओं, सांसदों और मंत्रियों ने भी भाग लिया। यात्रा का उद्देश्य केवल प्रचार नहीं, बल्कि जम्मू-कश्मीर के लोगों में एकता, अखंडता और विकास की भावना को मजबूत करना है।
भाजपा नेताओं का कहना है कि अनुच्छेद 370 हटने के बाद से जम्मू-कश्मीर में जिस तरह से बुनियादी ढांचे, पर्यटन, शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में सुधार आया है, उसे हर नागरिक तक पहुंचाना जरूरी है। साथ ही यह यात्रा एक राजनीतिक संदेश भी है कि अब जम्मू-कश्मीर देश के अन्य हिस्सों की तरह पूरी तरह एकीकृत और समान अधिकारों वाला राज्य है।
इस यात्रा के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए। विशेष रूप से संवेदनशील क्षेत्रों में ड्रोन निगरानी, QRT तैनात की गई और पूरे मार्ग पर सुरक्षाबलों की पैनी नजर बनी रही। अब यह तिरंगा यात्रा घाटी के अन्य जिलों – पुलवामा, बारामुला, श्रीनगर, कुपवाड़ा – से होते हुए कश्मीर के आंतरिक इलाकों तक जाएगी।
BJP इस यात्रा के ज़रिए उन युवा मतदाताओं तक भी पहुंचने की कोशिश कर रही है, जो धारा 370 के हटने के बाद जन्मे हैं या जिन्होंने पिछले पाँच सालों में हो रहे बदलावों को महसूस किया है। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि अब जम्मू-कश्मीर में केवल विकास, रोजगार और शांति की राजनीति चलेगी, न कि अलगाव की।





