UGC ने कौशल आधारित शिक्षा के लिए राष्ट्रीय मान्यता प्रणाली (RPL) के दिशा-निर्देश जारी किए

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने हाल ही में कौशल आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय मान्यता प्रणाली (Recognition of Prior Learning – RPL) के दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इस पहल का मुख्य उद्देश्य है कि छात्रों को उनके व्यावसायिक कौशल और अनुभव के आधार पर शैक्षिक क्रेडिट दिए जाएं, ताकि वे औपचारिक शिक्षा के साथ अपने कौशल का भी मूल्यांकन कर सकें।

 

 

यह पहल विशेष रूप से उन लोगों के लिए लाभकारी होगी जिन्होंने किसी विशेष क्षेत्र में कौशल हासिल किया है लेकिन उनके पास औपचारिक डिग्री या प्रमाणपत्र नहीं है। अब वे अपने कौशल की मान्यता पाकर उच्च शिक्षा या व्यावसायिक कोर्सेज में प्रवेश ले सकते हैं। इससे युवाओं को नौकरी की संभावनाओं में वृद्धि होगी और शिक्षा तथा रोजगार के बीच की दूरी कम होगी।

RPL प्रणाली के तहत, विभिन्न कौशल विकास केंद्र, उद्योग और शैक्षिक संस्थान मिलकर ऐसे उम्मीदवारों का मूल्यांकन करेंगे जो अपने अनुभव के आधार पर शिक्षा में प्रगति करना चाहते हैं। इससे भारत में कौशल और शिक्षा के बीच बेहतर तालमेल स्थापित होगा। UGC का यह कदम राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के उद्देश्य के अनुरूप है, जिसमें शिक्षा को अधिक लचीला, व्यावहारिक और रोजगारोन्मुखी बनाने पर बल दिया गया है।

 

 

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