कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने एक बार फिर केंद्रीय विदेश मंत्री S Jaishankar पर तीखा हमला किया है। उन्होंने कहा कि मंत्री की चुप्पी "damning" यानी बहुत कुछ कहने वाली है और यह संकेत देती है कि सरकार कुछ अहम मुद्दों पर खुलकर बात करने से बच रही है। राहुल गांधी ने S Jaishankar के बयानों और उनकी नीतियों को लेकर सवाल उठाए हैं, जिन्हें उन्होंने जनता के प्रति ईमानदारी और जिम्मेदारी के अभाव के रूप में देखा। उनका कहना था कि जब देश के महत्वपूर्ण मसलों पर चुप्पी होती है, तो वह अस्वीकृति और मौन समर्थन के समान होता है।
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा के प्रवक्ता तुहिन सिन्हा ने बातचीत में कहा कि राहुल गांधी बार-बार मंत्री के बयान को गलत तरीके से पेश कर रहे हैं और इसे राजनीतिक फायदे के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी "कुछ शक्तियों के कहने पर काम कर रहे हैं" और भाजपा के खिलाफ भड़काऊ बयानबाजी कर रहे हैं। तुहिन सिन्हा ने कहा कि S Jaishankar हमेशा देश के हित में स्पष्ट और सटीक बयान देते रहे हैं, और विपक्ष के आरोप केवल राजनीति से प्रेरित हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बयानबाजी आगामी चुनावों को ध्यान में रखकर की जा रही है, जहां दोनों दल अपनी-अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं। राहुल गांधी की यह टिप्पणी देश के विदेश नीति के महत्वपूर्ण मामलों पर सरकार की प्रतिक्रिया को लेकर सवाल उठाती है, जबकि BJP इसे विपक्ष की राजनीति का हिस्सा बताकर इसे खारिज कर रही है।
देश में यह बहस लगातार तेज होती जा रही है और सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे पर गहन चर्चा देखने को मिल रही है। राजनीतिक जानकारों के अनुसार, इस तरह के आरोप-प्रत्यारोप से जनता में भ्रम की स्थिति बन सकती है, इसलिए जरूरी है कि मुद्दों पर तथ्यात्मक और जवाबदेह संवाद हो। फिलहाल यह मामला राजनीतिक तापमान बढ़ाने वाला साबित हो रहा है।





