विवरण: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सोमवार (26 मई 2025) को बेसिक शिक्षा विभाग ने जूनियर एडेड स्कूलों में शिक्षक और प्रधानाध्यापक भर्ती के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया।
विभाग ने प्रस्ताव दिया कि 390 रिक्त पदों पर भर्ती के लिए आरक्षण अब स्कूल स्तर पर लागू होगा, न कि जिला स्तर पर जैसा पहले प्रस्तावित था। यह निर्णय विधिक राय के आधार पर लिया गया, जिसमें टीजीटी और पीजीटी भर्ती की तर्ज पर स्कूल स्तर पर आरक्षण को उचित माना गया। यह प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है, और जल्द ही इस पर अंतिम निर्णय की उम्मीद है। यह खबर शिक्षक बनने के इच्छुक अभ्यर्थियों के लिए नई संभावनाएँ खोलती है और उत्तर प्रदेश में शिक्षा क्षेत्र में रोजगार के अवसरों को दर्शाती है।
प्रभाव: यह निर्णय ग्रामीण और छोटे स्कूलों में आरक्षित वर्गों को उचित प्रतिनिधित्व देगा, जिससे स्थानीय स्तर पर शिक्षक भर्ती में समानता आएगी। यह अभ्यर्थियों में उत्साह बढ़ाएगा, लेकिन जिला स्तर की व्यवस्था के समर्थकों में असंतोष भी पैदा हो सकता है। यह शिक्षक कमी को दूर करने और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार की दिशा में एक कदम है।
अपडेट: मंगलवार को बेसिक शिक्षा विभाग ने शासन से जल्द अनुमोदन की उम्मीद जताई और अभ्यर्थियों से आवेदन की तैयारी शुरू करने की सलाह दी।





