विवरण: बिहार में सोमवार (26 मई 2025) को राष्ट्रीय जनता दल (RJD) प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने अपने बड़े बेटे तेज प्रताप यादव को परिवार और पार्टी से निष्कासित कर दिया। यह फैसला तेज प्रताप के हाल के बयानों और पार्टी विरोधी गतिविधियों के बाद लिया गया।
लालू ने तेज प्रताप को 6 साल के लिए निष्कासित करने की घोषणा की, जिसने बिहार की राजनीति में हलचल मचा दी। सूत्रों का कहना है कि तेज प्रताप की कार्यशैली और पार्टी के भीतर असंतोष ने यह कदम उठाने के लिए मजबूर किया। तेज प्रताप ने अभी तक इस पर कोई टिप्पणी नहीं की है, लेकिन उनके समर्थकों ने इस फैसले की आलोचना शुरू कर दी है। यह खबर बिहार में राजनीतिक और पारिवारिक उथल-पुथल को दर्शाती है।
प्रभाव: इस फैसले ने RJD के भीतर नेतृत्व और एकता पर सवाल उठाए हैं। यह बिहार में विपक्षी गठबंधन की रणनीति और आगामी चुनावों पर असर डाल सकता है। यह तेजस्वी यादव की स्थिति को मजबूत कर सकता है, लेकिन पार्टी के समर्थकों में बंटवारा भी हो सकता है।
अपडेट: मंगलवार को तेज प्रताप ने चुप्पी तोड़ी और कहा कि वह जल्द ही जनता के सामने अपनी बात रखेंगे।





