विवरण: रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) ने सोमवार (26 मई 2025) को दिल्ली में एक अत्याधुनिक क्वांटम टेक्नोलॉजी रिसर्च सेंटर की शुरुआत की।
यह सेंटर क्वांटम कम्युनिकेशन, पोस्ट-क्वांटम क्रिप्टोग्राफी, और रक्षा क्षेत्र में क्वांटम-आधारित तकनीकों के विकास पर ध्यान केंद्रित करेगा। इस पहल का उद्देश्य भारत को आत्मनिर्भर और वैश्विक स्तर पर क्वांटम रक्षा प्रौद्योगिकी में अग्रणी बनाना है। डीआरडीओ के अनुसार, यह सेंटर साइबर सुरक्षा, डेटा एन्क्रिप्शन, और सैन्य संचार को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह सेंटर स्टार्टअप्स और शैक्षणिक संस्थानों के साथ सहयोग करेगा ताकि नवाचार को बढ़ावा दिया जा सके। यह खबर भारत की रक्षा और तकनीकी क्षेत्र में प्रगति को दर्शाती है।
प्रभाव: यह सेंटर भारत की साइबर सुरक्षा और रक्षा क्षमताओं को बढ़ाएगा, जिससे देश वैश्विक क्वांटम तकनीक दौड़ में आगे रहेगा। यह स्टार्टअप्स और युवा शोधकर्ताओं के लिए नए अवसर पैदा करेगा, लेकिन इसके लिए भारी निवेश और कुशल मानव संसाधन की आवश्यकता होगी। यह भारत की तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम है।
अपडेट: मंगलवार को डीआरडीओ ने इस सेंटर में पहले चरण के लिए 100 करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा की।





