बिहार

बिहार में साइबर ठगी पर प्रहार, पटना में शुरू हुआ अत्याधुनिक अनुसंधान केंद्र

विवरण: बिहार में बढ़ती साइबर ठगी की घटनाओं को रोकने के लिए गुरुवार (29 मई 2025) को पटना में एक अत्याधुनिक साइबर अनुसंधान केंद्र का उद्घाटन किया गया। इस केंद्र का उद्देश्य साइबर अपराधियों की पहचान, निगरानी, और उनके खिलाफ कार्रवाई को तेज करना है।

 

 

 

 बिहार पुलिस ने बताया कि यह केंद्र नवीनतम तकनीकों, जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा एनालिटिक्स, का उपयोग करेगा। केंद्र के उद्घाटन के मौके पर डीजीपी ने कहा कि पिछले छह महीनों में बिहार में साइबर ठगी के 5,000 से अधिक मामले दर्ज किए गए, जिनमें से कई का समाधान हो चुका है। सोशल मीडिया पर लोग इस पहल की सराहना कर रहे हैं, लेकिन कुछ ने ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता बढ़ाने की मांग की है। यह खबर बिहार में डिजिटल सुरक्षा और तकनीकी प्रगति के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
 

प्रभाव: यह केंद्र साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने में मदद करेगा और बिहार पुलिस की कार्यक्षमता बढ़ाएगा। यह डिजिटल साक्षरता और जागरूकता की आवश्यकता को भी उजागर करता है, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में। हालांकि, केंद्र की सफलता इसके संचालन और संसाधनों पर निर्भर करेगी।
 

अपडेट: शुक्रवार को पुलिस ने केंद्र के माध्यम से दो साइबर ठगों को गिरफ्तार किया और लोगों से सतर्क रहने की अपील की।

 

 

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