विवरण: गणेश चतुर्थी के अवसर पर शनिवार (30 अगस्त 2025) को देशभर में पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए मिट्टी की गणेश मूर्तियों की मांग में 70% की वृद्धि दर्ज की गई।
मुंबई, पुणे, और दिल्ली जैसे शहरों में कारीगरों ने बताया कि लोग प्लास्टर ऑफ पेरिस (POP) की बजाय पर्यावरण के अनुकूल मिट्टी की मूर्तियों को प्राथमिकता दे रहे हैं। गैर-सरकारी संगठनों ने जल प्रदूषण रोकने के लिए कृत्रिम तालाब बनाए हैं। सोशल मीडिया पर लोग इस बदलाव की सराहना कर रहे हैं और इसे पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम बता रहे हैं। यह खबर भारत में सांस्कृतिक उत्सवों के पर्यावरण के प्रति संवेदनशील होने को दर्शाती है।
प्रभाव: यह प्रवृत्ति स्थानीय कारीगरों को बढ़ावा देगी और नदियों व जलाशयों को प्रदूषण से बचाएगी।
अपडेट: शनिवार दोपहर तक कई शहरों में प्रशासन ने विसर्जन के लिए अतिरिक्त कृत्रिम तालाबों की व्यवस्था शुरू की।





