कालाष्टमी 2025: भगवान काल भैरव की पूजा के लिए त्रियोग का दुर्लभ संयोग
विवरण: शनिवार (13 सितंबर 2025) को कालाष्टमी 2025 की तैयारियाँ जोरों पर हैं, जो 14 सितंबर को मनाई जाएगी। इस वर्ष सिद्धि योग, रवि योग और शिववास योग का दुर्लभ संयोग बन रहा है, जिससे भगवान काल भैरव की पूजा विशेष रूप से फलदायी मानी जा रही है। भक्त उपवास रखेंगे, मंत्र जाप करेंगे और मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना करेंगे।
वाराणसी और उज्जैन के काल भैरव मंदिरों में भारी भीड़ की उम्मीद है। सोशल मीडिया पर लोग इसे "आध्यात्मिक शक्ति का दिन" बता रहे हैं। यह खबर भारत में ज्योतिषीय महत्व और धार्मिक उत्साह को दर्शाती है।
प्रभाव: यह पर्व भक्तों में आध्यात्मिक उत्साह बढ़ाएगा और मंदिरों में तीर्थयात्रियों की संख्या बढ़ाएगा।
अपडेट: शनिवार दोपहर तक, मंदिरों में पूजा सामग्री और दर्शन व्यवस्था की तैयारियाँ पूरी हो चुकी थीं।





