शारदीय नवरात्रि को लेकर इस बार लोगों के बीच भ्रम की स्थिति बनी हुई है। धार्मिक कैलेंडरों और पंडितों के मतानुसार इस बार घटस्थापना यानी कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त 22 सितंबर को भी निकल रहा है और 23 सितंबर को भी। यही कारण है कि भक्तों के बीच यह सवाल बना हुआ है कि सही तिथि कौन-सी है।
धार्मिक विद्वानों के मुताबिक पंचांग के अनुसार प्रतिपदा और द्वितीया तिथि के बीच का अंतर इस भ्रम का कारण है। कुछ विद्वान 22 सितंबर को घटस्थापना को मान रहे हैं, जबकि अन्य का कहना है कि 23 सितंबर अधिक शुभ रहेगा।
नवरात्रि का यह पर्व मां दुर्गा की पूजा और आराधना का महापर्व है, जिसमें नौ दिनों तक व्रत, पूजन और भजन-कीर्तन का आयोजन होता है। घटस्थापना के दिन घरों और मंदिरों में कलश की स्थापना कर मां दुर्गा का आह्वान किया जाता है।
इस बार शुभ मुहूर्त को लेकर फैला भ्रम भक्तों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है, लेकिन धार्मिक आचार्यों का कहना है कि श्रद्धा और विश्वास ही सबसे महत्वपूर्ण है।





