23 सितंबर को नागपुर में वर्ल्ड कार-फ्री डे मनाया गया। इस मौके पर शहरवासियों ने सड़क पर उतरकर सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने की मांग की। नागरिकों ने कहा कि प्रदूषण और ट्रैफिक जाम से निजात पाने के लिए निजी वाहनों की जगह ज्यादा से ज्यादा बसों का इस्तेमाल होना चाहिए।
नागरिक संगठनों ने "डबल द बस" अभियान चलाते हुए नगर निगम से मांग की कि बसों की संख्या दोगुनी की जाए। अभी शहर में करीब 400 बसें चल रही हैं जो जरूरत के हिसाब से काफी कम हैं। अभियान में छात्रों, महिलाओं और बुजुर्गों ने भी हिस्सा लिया। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर सार्वजनिक परिवहन की स्थिति सुधरी तो प्रदूषण में कमी आएगी और लोगों को आर्थिक राहत भी मिलेगी।





