हिमाचल प्रदेश में मानसून का कहर: 448 मौतें और भारी नुकसान
2025 के मानसून में हिमाचल प्रदेश में भूस्खलन, फ्लैश फ्लड और सड़क दुर्घटनाओं में 448 लोगों की मौत हुई। राज्य के कई जिले बुरी तरह प्रभावित हुए हैं।
हिमाचल प्रदेश इस साल के मानसून में अभूतपूर्व तबाही का सामना कर रहा है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, कुल 448 लोगों की मौत दर्ज की गई है, जिनमें 261 मौतें बारिश संबंधित घटनाओं और 187 सड़क दुर्घटनाओं में हुई हैं। मंडी और चंबा जिलों में सबसे अधिक 66-66 मौतें हुईं, जबकि कांगड़ा में 57 और कुल्लू में 49 मौतें दर्ज की गई हैं। इसके अलावा, राज्य में 98 फ्लैश फ्लड, 47 बादल फटने और 148 भूस्खलन की घटनाएं हुई हैं।
इस प्राकृतिक आपदा ने सड़क, जल आपूर्ति और बिजली सेवाओं को भी प्रभावित किया है। प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य चल रहे हैं, लेकिन मुश्किल भौगोलिक परिस्थितियों के कारण राहत कार्यों में देरी हो रही है। स्थानीय प्रशासन ने प्रभावित परिवारों के लिए तत्काल सहायता राशि और अस्थायी राहत शिविर स्थापित किए हैं। कुल नुकसान की राशि ₹4,841 करोड़ से अधिक अनुमानित की गई है।





