महाराष्ट्र सरकार ने महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए घोषणा की है कि अब राज्य में नए विद्यालय केवल सह-शिक्षा (लड़के और लड़कियाँ साथ) के रूप में ही स्थापित किए जाएँगे। एकल-लिंग विद्यालयों की अनुमति अब नहीं दी जाएगी।
सरकार का मानना है कि इस कदम से बालक और बालिकाओं में समानता की भावना बढ़ेगी और समाज में लैंगिक भेदभाव कम होगा। शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि सह-शिक्षा से बच्चों में आपसी समझ, संवाद और सामाजिक कौशल का विकास होता है।





