आज डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया अपेक्षाकृत स्थिर रहा — अंतरराष्ट्रीय उतार-चढ़ाव और वैश्विक जोखिम भावना के बीच। रुपये ने लगभग ₹88.7450 की स्थिति बनाकर रखा।
विश्लेषक बताते हैं कि अमेरिका-चीन व्यापार तनाव, ग्लोबल निवेश प्रवाह और विदेशी पूंजी की निकासी मुख्य कारक हैं जो मुद्रा पर दबाव डालते हैं। भारत के रिज़र्व बैंक ने रुपये की गिरावट को सीमित करने के लिए बाज़ार हस्तक्षेप किये हैं।
वहीं, यदि विदेशी निवेशों की वापसी नहीं हुई तो रुपये पर और दबाव आ सकता है। यह स्थिति अर्थव्यवस्था, निर्यात और आयात दोनों को प्रभावित कर सकती है।





