झारखंड

झारखंड हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: निलंबन व आरोपों पर पेंशन व ग्रेच्युटी बरकरार

झारखंड उच्च न्यायालय ने अहम निर्णय देते हुए कहा है कि यदि किसी शिक्षक या सरकारी कर्मचारी को मोरल टरिप्युड (बलात्कार, भ्रष्टाचार आदि) के आरोप में गिरफ्तार किया गया हो लेकिन वह अभी दण्डित न हुआ हो, तब भी पेंशन और ग्रेच्युटी को रोका नहीं जा सकता।

 


यह मामला एक शिक्षक का था जिसे निलंबन के बाद सेवा से अवकाश दिया गया था। अदालत ने स्पष्ट किया कि कानून के अनुसार पेंशन और ग्रेच्युटी केवल उस स्थिति में रोकी जा सकती है जब दोष सिद्ध हो। इस निर्णय को राज्य के शासकीय कर्मचारियों और उनके हितों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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