हिमाचल प्रदेश

असमय भारी वर्षा के बाद हिमाचल में गर्म चेतावनी: भूस्खलन-जलप्रलय का खतरा बना हुआ

मौसम विभाग ने हिमाचल प्रदेश में इस वर्ष जुलाई-सेप्टेंबर मॉनसून में औसत से 46 % अधिक वर्षा दर्ज होने की जानकारी दी है। इसके चलते भूस्खलन, फ्लैश-फ्लड व भवन गिरने जैसी घटनाओं का खतरा बना हुआ है।

 


हिमाचल प्रदेश ने इस वर्ष मॉनसून अवधि में लगभग 1,010 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की है, जबकि सामान्य 734 मिमी के करीब होती है। मंडी, कुल्लू व शिमला जिलों में कई जगहों पर भवनों के ढहने, सड़क कटाव व स्लाइडिंग की घटनाएँ सामने आईं। राज्य सरकार ने सभी जिलों के डीएम को हाई-अलर्ट पर रखा है और अस्थायी रूप से जोखिम-क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरण को कहा गया है। मुख्यमंत्री ने दृश्य-परिस्थितियों की समीक्षा करते हुए कहा कि “प्राकृतिक आपदाओं के प्रति हमें और सजग होना होगा, तैयारी नहीं होगी तो राहत-कार्य संभव नहीं”।

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