कैबिनेट ने 1984 उपद्रव पीड़ितों के परिवारों को रोजगार सहायता मंजूर की
हरियाणा कैबिनेट ने यह फैसला लिया है कि 1984 के सिख विरोधी दंगों में राज्य के लोग जिनकी मृत्यु हुई, उनके परिवारों को कौशल रोजगार निगम (HKRN) के जरिए अनुग्रह-नियुक्ति का लाभ मिलेगा।
4 नवंबर को मुख्यमंत्री के नेतृत्व में हुई कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पास किये गए हैं। इनमें प्रमुख रहा — 1984 के दंगों में मारे गए हरियाणा के पीड़ितों के एक वर्तमान परिवार सदस्य को योग्यतानुसार सरकारी भर्ती में नहीं बल्कि HKRN के माध्यम से कौशल रोजगार के स्तर-1/2/3 श्रेणी में नियुक्ति देने की नीति। इससे पहले यह समूह सरकारी नियुक्तियों से बाहर था।
इसके अलावा, शहीद सैनिकों के परिवारों में दो पुरानी मामलों (टाइम-बार्ड) को भी शामिल किया गया। कैबिनेट ने ‘हरियाणा आबादी देह अध्यादेश, 2025’ को पास किया, जिसके तहत ड्रोन सर्वे व दस्तावेज-आधारित आबादी को भूमि-मालिकाना अधिकार दिए जाने का रास्ता खुला है। पंचायत भूमि संबंधी नियमों में दिव्यांगों के लिए 5% आरक्षण और गौ आश्रय भूमि लीज़ में 20 वर्ष का प्रावधान भी शामिल हुआ।
विश्लेषकों का कहना है कि यह सामाजिक न्याय और राहत-नीति के मामले में राज्य सरकार की दिशा स्पष्ट करती है।





