ममता बनर्जी को बूथ-स्तर अधिकारी ने दिया मतदाता सूची फॉर्म, एसआईआर विवाद में नया मोड़
राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को 5 नवम्बर को उनके कालिघाट स्थित आवास पर बूथ-लेवल अधिकारी (बीएलओ) ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत मतदाता सूची के लिए एनुमरेशन फॉर्म सौंपा। यह घटना उस समय हुई जब राज्य में एसआईआर प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक विवाद चल रहा है।
पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया 4 नवम्बर से शुरू हुई थी। इसके पहले दिन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक जनसभा में इस प्रक्रिया को “मौखिक और अदृश्य छंटनी” करार दिया था।
इसके अगले दिन उनके बूथ के अधिकारी ने व्यक्तिगत रूप से उनके निवास स्थान पर जाकर फॉर्म सौंपा। यह राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि मुख्यमंत्री स्वयं इस प्रक्रिया का हिस्सा बनीं।
सुरक्षा कारणों से अधिकारी को मोबाइल और बैग बाहर छोड़ने के बाद अंदर जाने की अनुमति दी गई। बाद में मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा फॉर्म भरा गया और बीएलओ को रसीद सौंपी गई।
इस घटनाक्रम के बाद राज्य में एसआईआर को लेकर राजनीतिक तापमान और बढ़ गया है। विपक्षी दलों का कहना है कि यह राज्य की स्वायत्तता पर सीधा प्रश्न है और केंद्र सरकार मतदाता प्रक्रिया में हस्तक्षेप कर रही है।





