झारखंड

सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड सरकार को तीन माह में 314 वर्ग किलोमीटर के सारांदा वन को वन्यजीव अभयारण्य घोषित करने के निर्देश दिए

सुप्रीम कोर्ट ने राज्य-सरकार को आदेश दिया है कि 314 वर्ग किलोमीटर अधिकांश सैल वृक्षों वाली सारांदा वन को तीन माह के भीतर अभयारण्य घोषित करें — साथ ही आम आदिवासी व वनवासी समुदायों के अधिकारों के संरक्षण का भरोसा भी दिया।

 


न्यायालय ने स्पष्ट किया कि अभयारण्य घोषित करने की प्रक्रिया में वनवासी लोगों के निवास-अधिकार व आजीविका को प्रभावित नहीं किया जाना चाहिए। राज्य-सरकार को निर्देश दिया गया है कि उनकी भागीदारी सुनिश्चित की जाए तथा स्थायी योजना तैयार की जाए।
विश्लेषकों ने कहा है कि यह फैसला राज्य में वन-संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इसके साथ ही वनवासी कल्याण, जैव-विविधता संरक्षा एवं पर्यावरण-सुधार को बढ़ावा मिलेगा। अगले तीन माह में प्रस्तावित अधिसूचना पर सभी नजरें बनी हुई हैं।

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