सीएम समेत 18 पर चार्जशीट
सम्पूर्ण भारत संवाददाता
रांची। बड़गाई अंचल की 8.46 एकड़ जमीन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की डिस्चार्ज याचिका पर बुधवार को ईडी कोर्ट में सुनवाई हुई। हालांकि ईडी की ओर से अधिवक्ता ने ऑनलाइन बहस शुरू की, लेकिन यह पूरी नहीं हो सकी। अब इस मामले में गुरुवार को भी सुनवाई जारी रहेगी। हेमंत सोरेन ने इस मामले में खुद को पूरी तरह निर्दोष बताते हुए 5 दिसंबर को डिस्चार्ज याचिका दाखिल की थी। उनका कहना है कि इस केस में उनके खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं है। ईडी इस मामले में पहले ही मुख्यमंत्री समेत कुल 18 आरोपितों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। अदालत ने चार्जशीट पर संज्ञान लेते हुए सभी आरोपितों को पुलिस पेपर भी सौंप दिया है।
दो आरोपी पहले से जेल में
इस केस में राजस्व निरीक्षक भानु प्रताप प्रसाद और अफसर अली पहले से ही जेल में हैं। जांच एजेंसी की कार्रवाई के बाद यह मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है।
शराब घोटाला
नवीन केडिया की जमानत पर 7 अप्रैल को फैसला एसीबी के विशेष न्यायाधीश ओंकार नाथ चौधरी की अदालत में शराब घोटाले के आरोपी कारोबारी नवीन केडिया की जमानत याचिका पर भी बुधवार को सुनवाई हुई। दोनों पक्षों की बहस पूरी होने के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया है। अब 7 अप्रैल को इस पर निर्णय सुनाया जाएगा।
फर्जी बैंक गारंटी का मामला
नवीन केडिया को एसीबी ने 10 मार्च को काफी मशक्कत के बाद गिरफ्तार किया था। आरोप है कि झारखंड स्टेट बेवरेजेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड की शराब दुकानों के लिए मैनपावर सप्लाई करने वाली दो प्लेसमेंट एजेंसियों की बैंक गारंटी फर्जी पाई गई थी। जांच में केडिया का नाम सामने आने के बाद प्राथमिकी दर्ज की गई।
चोरी के मामले में अभिषेक कुमार को जमानत घर में घुसकर चोरी करने के आरोपी अभिषेक कुमार को अपर न्यायायुक्त एके तिवारी की अदालत से सशर्त जमानत मिल गई है। वह 15 दिसंबर 2025 से जेल में था।
घर का ताला तोड़कर की थी चोरी
मामले के अनुसार, वादी 15 नवंबर को परिवार के साथ गांव गया था। 18 नवंबर को लौटने पर घर का ताला टूटा मिला और अलमारी से गहने व नगदी गायब थे। करीब 1.5 लाख रुपये की चोरी बताई गई। जांच में चांदी के आभूषण अभिषेक के पास से बरामद हुए थे।
रंगदारी केस में विकास तिवारी को राहत नहीं
सीआइडी के विशेष न्यायाधीश की अदालत ने रंगदारी और साजिश के आरोपी विकास नाथ तिवारी की जमानत याचिका खारिज कर दी।
10% कमीशन के नाम पर मांगी थी रंगदारी आरोप है कि जून 2024 में वादी के स्टाफ को फोन कर 10 प्रतिशत कमीशन के नाम पर रंगदारी मांगी गई थी। इसके बाद लगातार धमकी भी दी गई। अदालत ने पाया कि आरोपी की भूमिका प्रथम दृष्टया स्पष्ट है और उसका आपराधिक इतिहास भी है, इसलिए जमानत नहीं दी गई।
मादक तस्करी मामले में भी जमानत खारिज
मादक पदार्थ तस्करी के आरोपी मासूम अंसारी को भी अदालत से राहत नहीं मिली। वह 14 फरवरी 2025 से जेल में है। अदालत ने जमानत तो खारिज कर दी, लेकिन मानवीय आधार पर आरोपी को बहन की शादी में शामिल होने की अनुमति दी है। इसके लिए जेल प्रशासन को कड़ी सुरक्षा के साथ उसे ले जाने और वापस लाने का निर्देश दिया गया है।





