खूंटी में सीआरपीएफ की 94वीं बटालियन ने मनाया शौर्य दिवस, शहीदों को दी श्रद्धांजलि
खूंटी । केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की 94वीं बटालियन ने गुरुवार को तजना स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स स्थित कैंप परिसर में शौर्य दिवस धूमधाम से मनाया। इस अवसर पर जवानों ने देश की सुरक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके अदम्य साहस को नमन किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए 94वीं बटालियन के द्वितीय कमान अधिकारी पुखराज भारद्वाज ने कहा कि सीआरपीएफ का इतिहास अत्यंत गौरवपूर्ण रहा है और यह न केवल भारत, बल्कि विश्व का सबसे बड़ा अर्द्धसैनिक बल है। उन्होंने बताया कि 09 अप्रैल 1965 का दिन सीआरपीएफ और सभी वर्दीधारी बलों के लिए गर्व का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि इसी दिन 1965 में कच्छ के सरदार पोस्ट पर पाकिस्तान की सेना ने हमला किया था, जिसका सीआरपीएफ के जवानों ने बहादुरी से मुकाबला किया। सीमित संसाधनों के बावजूद सीआरपीएफ की छोटी टुकड़ी ने दुश्मन की बड़ी सेना को मुंहतोड़ जवाब दिया और कई घंटों तक मोर्चा संभाले रखा। इस संघर्ष में पाकिस्तानी सेना को भारी नुकसान हुआ। जवानों की इसी वीरता की स्मृति में हर वर्ष 09 अप्रैल को शौर्य दिवस मनाया जाता है।
खूंटी स्थित 94वीं बटालियन मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम की शुरुआत द्वितीय कमान अधिकारी पुखराज भारद्वाज द्वारा शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करने और क्वार्टर गार्ड में सलामी देने के साथ हुई। इसके बाद सैनिक सम्मेलन आयोजित कर जवानों को शौर्य दिवस के महत्व और सीआरपीएफ के गौरवशाली इतिहास से अवगत कराया गया।
इस अवसर पर उप कमांडेंट जय प्रकाश सिंह सहित बटालियन के अन्य अधिकारी और जवान भी मौजूद रहे।





