सुपौल शहर के लोगों को जल्द मिलेगा पाइप लाइन से गैस आपूर्ति की सुविधा : डीएसओ
सुपौल । आवश्यक वस्तुओं और सेवाओं का निर्वाध उपलब्धता, प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षा और निर्बाध ईंधन एवं एलपीजी गैस की आपूर्ति को सुचारू आपूर्ति बनाए रखने के लिए एवं कालाबाजारी और जमाखोरी को रोकने के लिए जिला प्रशासन सक्रियता से कार्य कर रही है।सुपौल नगर क्षेत्र के निवासियों को पाईपलाइन के द्वारा गैस पहुँचाने के लिए पीएनजी पाईप लाइन का कार्य प्रारंभ किया जा रहा है। इसके लिए भूमि चिन्हित करने का कार्य चल रहा है। शीघ्र ही संबंधित कम्पनी बीपीसीएल द्वारा घर-घर तक पाईपलाइन पहुँचाने का कार्य प्रारंभ कर दिया जायेगा,जिससे सुपौल नगर क्षेत्र के निवासियों को एलपीजी गैस सिलेंडरों की आवश्यकता समाप्त हो जायेगी।

जिला आपूर्ति पदाधिकारी राजीव कुमार और डीपीआरओ विकास कुमार कर्ण ने गुरुवार काे बताया कि अभी जिले के गैस एजेंसियों के पास लगभग 12811 गैस सिलेंडरों का भंडार मौजूद है, और 5548 अतिरिक्त एलपीजी गैस सिलेंडर प्राप्त होने की संभावना है। 8.अप्रैल को लगभग 5298 उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडरों की आपूर्ति की गई है। अभी तक 23115 उपभोक्ता को बुकिंग की गैस आपूर्ति की जानी है। जिले के 51 गैस एजेंसियों में से 46 गैस एजेंसियों पर अभी एलपीजी गैस सिलेंडर उपलब्ध है, शेष 05 दिपांशी इण्डेन ग्रामीण वितरक, जदिया इण्डेन ग्रामीण वितरक, श्री गंगा इण्डेन ग्रामीण वितरक, मुस्कान एचपी गैस ग्रामीण वितरक एवं सुमित्रा एचपी गैस ग्रामीण वितरक पर शीघ्र ही गैस की आपूर्ति किये जाने की संभावना है। आज अभी तक कुल 51 एलपीजी एजेन्सी में से 21 की जाँच की गई है। 21 अन्य होटलों / प्रतिष्ठानों पर एलपीजी गैस सिलेण्डरों के प्रयोग की जाँच हेतु छापेमारी की गई है। जिले में एलपीजी की उपलब्धता में लगातार सुधार हो रहा है। है। तेल कम्पनियों द्वारा अस्पताल एवं सरकारी संस्थानों को जिनके पास वाणिज्यिक गैस सिलेंडरों की आपूर्ति की जा रही है। जिला प्रशासन एलपीजी गैस सिलेंडरों की ससमय उपलब्धता हेतु गैस वितरक कम्पनियों से लगातार संपर्क में है।
पेट्रोल पम्पों का औचक निरीक्षण हो रहा है। 5 पेट्रोल पम्पों की जाँच की गई है। तेल कम्पनियों से समन्वय स्थापित करके लगातार पेट्रोल एवं डीजल की आपूर्ति को सामान्य बनाए रखने का प्रयास किया जा रहा है। समाहरणालय परिसर स्थित जिला आपदा प्रबंधन कार्यालय में घरेलु एलपीजी गैस सिलेंडरों के उठाव-वितरण के निगरानी के लिए जिला नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है।आज दिनांक 9 अप्रैल को जिला नियंत्रण कक्ष में 13 शिकायतें / जानकारी प्राप्त करने हेतु कॉल प्राप्त हुआ है। सभी संबंधितों के शिकायतों का निष्पादन करा दिया गया है। अभी तक घरेलु गैस के वाणिज्यिक प्रयोग/कालाबाजारी के आरोप में जिला अन्तर्गत तीन प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी है।
जिला प्रशासन द्वारा स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और उपभोक्ताओं को नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाये जा रहे हैं और अनियमितता पाए जाने पर नियम के अनुसार कार्रवाई भी की जा रही है। जिला प्रशासन सभी ग्राहकों से अनुरोध करता है कि वे गैस एजेंसियों के गोदामों पर भीड़ न लगायें। सभी एजेंसियों के द्वारा होम डिलिवरी के माध्यम से ससमय गैस की आपूर्ति की जायेगी।





