बिहार

मौसम में बदलाव से अस्पतालों में बढ़े सर्दी-बुखार के मरीज

सुपौल । जिले के त्रिवेणीगंज क्षेत्र में इन दिनों मौसम के लगातार बदलते मिजाज का सीधा असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। दिन में तेज धूप और गर्मी, वहीं शाम होते ही ठंडक बढ़ जाने से लोग तेजी से बीमार हो रहे हैं। स्थिति यह है कि लगभग हर घर में सर्दी, बुखार या वायरल संक्रमण के मरीज मिल रहे हैं। सरकारी से लेकर निजी अस्पतालों तक मरीजों की भीड़ बढ़ गई है।




अनुमंडल अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की संख्या में खासा इजाफा देखा गया। अस्पताल प्रशासन के अनुसार अस्पताल आने वाले।मरीजों में सर्दी, बुखार, खांसी, एलर्जी और दस्त की शिकायत प्रमुख रही। चिकित्सकों का कहना है कि मौसम के अचानक बदलते स्वरूप ने लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता पर असर डाला है। अस्पताल के डॉ. बीएन पासवान ने बताया कि मौसम में उतार-चढ़ाव का प्रभाव साफ तौर पर मरीजों पर देखा जा रहा है। खासकर छोटे बच्चे, बुजुर्ग और पहले से बीमार लोग जल्दी प्रभावित हो रहे हैं। ओपीडी में आने वाले मरीजों में वायरल इंफेक्शन और एलर्जी के मामले अधिक हैं।

उन्होंने यह भी बताया कि डायबिटीज और ब्लड प्रेशर के मरीजों की परेशानी भी इन दिनों बढ़ गई है, जिन्हें विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। अस्पताल में इलाज कराने पहुंचे कई मरीजों ने भी मौसम को ही बीमारी की वजह बताया। नगर क्षेत्र के एक मरीज राजेश कुमार ने कहा कि दिन में काफी गर्मी रहती है, लेकिन शाम होते ही ठंड लगने लगती है। इसी कारण पहले सर्दी हुई, फिर बुखार आ गया। वहीं एक महिला मरीज सरिता देवी ने बताया कि उनके घर में एक साथ तीन लोग बीमार हो गए हैं। बच्चों को खांसी-बुखार है, तो बुजुर्गों को कमजोरी और एलर्जी की समस्या हो रही है।

डॉक्टरों के अनुसार इस समय सबसे ज्यादा खतरा उन लोगों को है जिनकी इम्यूनिटी कमजोर है। बदलते मौसम में खानपान और दिनचर्या में लापरवाही बीमारियों को बढ़ा रही है। बाहर का तला-भुना खाना, ठंडा पानी या आइसक्रीम का सेवन भी समस्या को गंभीर बना रहा है। ऐसे में चिकित्सकों ने हल्का और सुपाच्य भोजन लेने की सलाह दी है।

चिकित्साको का भी कहना है कि इस मौसम में शरीर को तापमान के अनुसार ढालना जरूरी है। सुबह-शाम हल्की ठंड से बचाव के लिए कपड़ों का ध्यान रखना चाहिए। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष रूप से सुरक्षित रखने की जरूरत है। साथ ही साफ-सफाई, नियमित हाथ धोना और पर्याप्त पानी पीना भी जरूरी बताया गया।

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