बिहार

अवैध क्लिनिक व जांच केंद्रों पर प्रशासन का कड़ा प्रहार, तीन संस्थान सील

सीवान । जिला प्रशासन ने अवैध रूप से संचालित स्वास्थ्य संस्थानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए बड़ा फैसला लिया है। जिला पदाधिकारी विवेक रंजन मैत्रेय के आदेश पर एसडीएम आशुतोष गुप्ता के नेतृत्व में नामित दंडाधिकारियों की उपस्थिति में प्रखंड आंदर में चल रहे अमन क्लिनिक, कृष्णा अल्ट्रासाउंड तथा विकास डायग्नोस्टिक सेंटर को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया।अनुमंडल पदाधिकारी, सीवान सदर की जांच रिपोर्ट में इन सभी संस्थानों को क्लिनिकल एस्टैब्लिशमेंट अधिनियम 2010 के तहत पूरी तरह अवैध पाया गया है ।


जांच में स्पष्ट हुआ कि ये प्रतिष्ठान बिना पंजीकरण के संचालित हो रहे थे और अधिनियम की धारा 11, 37 एवं 38 का खुला उल्लंघन कर रहे थे. इसके साथ ही बिहार क्लिनिकल एस्टैब्लिशमेंट नियमावली 2013 तथा केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम मानकों का भी पालन नहीं किया जा रहा था.जांच के दौरान कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं । इनमें अयोग्य कर्मियों द्वारा इलाज, जीवन रक्षक उपकरणों की कमी, चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन में लापरवाही तथा अग्नि सुरक्षा मानकों की अनदेखी शामिल है । प्रशासन ने इसे आम जनता के स्वास्थ्य और जीवन के लिए गंभीर खतरा बताया है । जिला प्रशासन ने साफ किया कि ऐसे मामलों में कारण बताओ नोटिस देने से जनहित प्रभावित हो सकता है, इसलिए बिना पूर्व सूचना के सीलिंग की कार्रवाई की जा रही है ।

पटना उच्च न्यायालय के पूर्व आदेशों का हवाला देते हुए कहा गया कि अवैध जांच घरों और डायग्नोस्टिक केंद्रों को संचालन की अनुमति नहीं दी जा सकती । डीएम के

निर्देश के अनुसार शुक्रवार को नामित दंडाधिकारियों की मौजूदगी में इन तीनों संस्थानों को सीलबंद किया गया । सील के दौरान यह ध्यान दिया गया कि भर्ती मरीजों को सुरक्षित रूप से नजदीकी वैध अस्पतालों में भेजा जाए तथा पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी कराई गई.संबंधित संचालकों को 27 अप्रैल 2026 तक अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया है । निर्धारित समय तक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करने पर एकपक्षीय निर्णय लेते हुए विधिसम्मत कड़ी कार्रवाई की जाएगी ।
 

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