पांकी में अमानत नहर से बदलेगी खेती की सूरत: वित्त मंत्री ने किया निरीक्षण
पलामू : झारखंड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने पांकी स्थित वर्षों से अधूरी पड़ी अमानत नहर और बराज परियोजना का निरीक्षण किया। तेज गर्मी के बावजूद मंत्री खुद मौके पर पहुंचे और निर्माण कार्य की प्रगति का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने तरहसी प्रखंड के मंझौली पंचायत के बलगड़ा क्षेत्र में नहर की स्थिति की जानकारी ली और अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी।
निरीक्षण के दौरान मंत्री ने कहा कि अमानत बराज परियोजना लंबे समय से अधूरी पड़ी थी और लगभग खत्म होने की स्थिति में पहुंच चुकी थी। लेकिन अब सरकार इसे हर हाल में पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक परियोजना नहीं, बल्कि किसानों के भविष्य से जुड़ी योजना है।
मंत्री ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिया कि इस परियोजना को तीन वर्षों के भीतर हर हाल में पूरा किया जाए। उन्होंने साफ कहा कि काम में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और समयबद्ध तरीके से काम पूरा करना जरूरी है।
इस परियोजना को पहली बार 1973 में मंजूरी मिली थी। बाद में झारखंड बनने के बाद 2003 में इसे दोबारा स्वीकृति दी गई, लेकिन इसके बावजूद काम अधूरा ही रहा। मार्च 2022 तक करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी मुख्य नहर और वितरणी का बड़ा हिस्सा अधूरा है।
परियोजना के पूरा होने के बाद करीब 41.5 किलोमीटर लंबी नहर के जरिए 26,990 हेक्टेयर कृषि भूमि की सिंचाई होगी। इससे पांकी, तरहसी और आसपास के गांवों के किसानों को बड़ी राहत मिलेगी और वे मानसून पर निर्भर नहीं रहेंगे।
करीब 400 किलोमीटर पाइपलाइन और 800 आउटलेट के जरिए 74 गांवों तक पानी पहुंचाया जाएगा। इससे खरीफ और रबी दोनों फसलों की पैदावार बढ़ने की उम्मीद है।
मंत्री ने बताया कि पहले जमीन अधिग्रहण इस योजना में बड़ी बाधा थी, लेकिन अब नई तकनीक से पाइपलाइन बिछाकर सीधे खेतों तक पानी पहुंचाया जाएगा, जिससे यह समस्या काफी हद तक दूर हो जाएगी।





