झारखंड

स्कूली बच्चों की सुरक्षा पर सख्त SSP, ड्राइवर-हेल्पर और बस-टेंपो पर कसा शिकंजा

रांची : राजधानी रांची में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर पुलिस अब पूरी तरह सतर्क हो गई है। एसएसपी राकेश रंजन ने जिले के सभी डीएसपी और थाना प्रभारियों को सख्त निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने क्षेत्र के स्कूलों में जाकर बच्चों को लाने-ले जाने वाले बस, टेम्पो और अन्य वाहनों की जांच करें और उनका पूरा डेटाबेस तैयार करें। एसएसपी ने साफ कहा है कि यह काम प्राथमिकता के आधार पर किया जाए और इसकी विस्तृत रिपोर्ट शुक्रवार रात तक एसएसपी कार्यालय में जमा कर दी जाए।

एसएसपी के निर्देश के बाद अब थाना प्रभारी खुद स्कूलों का दौरा करेंगे। स्कूलों में जाकर यह देखा जाएगा कि कौन-कौन से वाहन बच्चों को लेकर चल रहे हैं और वे नियमों का पालन कर रहे हैं या नहीं। पुलिस की कोशिश है कि कोई भी अवैध, अनफिट या संदिग्ध वाहन बच्चों को लेकर सड़क पर न चले।

पुलिस को निर्देश दिया गया है कि जांच के दौरान हर वाहन की पूरी जानकारी जुटाई जाए। इसमें शामिल है:

  • वाहन का नंबर और वाहन किस प्रकार का है
  • वाहन मालिक का नाम, मोबाइल नंबर और स्थायी पता
  • यदि वाहन किसी ट्रांसपोर्टर के अधीन है तो ट्रांसपोर्टर का नाम, नंबर और पता
  • ड्राइवर और हेल्पर का नाम, मोबाइल नंबर
  • उनके आधार कार्ड और पहचान पत्रों की छायाप्रति
  • स्कूल प्रबंधन के पास वाहन और स्टाफ की सूची मौजूद है या नहीं, इस पर पुलिस की टिप्पणी

 

पुलिस खासतौर पर यह जांच करेगी कि ड्राइवर और हेल्पर का पुलिस वेरिफिकेशन हुआ है या नहीं। जिन लोगों का वेरिफिकेशन अब तक नहीं हुआ है, उनका वेरिफिकेशन तुरंत शुरू करने का आदेश दिया गया है। इसका मकसद यह है कि कोई भी संदिग्ध व्यक्ति बच्चों के संपर्क में न रहे।

एसएसपी ने निर्देश दिया है कि सभी स्कूल वाहनों की फिटनेस जांच भी की जाए। साथ ही पुलिस अधिकारियों को कहा गया है कि वे स्कूल प्रबंधन से बातचीत कर यह सुनिश्चित करें कि बसों के अंदर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं। पुलिस चाहती है कि बच्चों के सफर के दौरान हर गतिविधि पर नजर रखी जा सके।

एसएसपी राकेश रंजन ने कहा है कि बच्चों की सुरक्षा में कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने थाना प्रभारियों को साफ निर्देश दिया है कि वे खुद मौके पर जाकर जांच करें और अगर कोई वाहन नियमों का उल्लंघन करते पाया गया तो उस पर तुरंत कार्रवाई करें। एसएसपी ने यह भी कहा कि बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले वाहन मालिकों और स्कूल प्रबंधन पर भी सख्त कदम उठाए जाएंगे।

अभियान का मकसद क्या है

पुलिस का मुख्य उद्देश्य है कि :

  • बच्चों का स्कूल आना-जाना सुरक्षित रहे
  • संदिग्ध ड्राइवर या हेल्पर पर रोक लगे
  • अवैध और अनफिट वाहनों को हटाया जाए
  • स्कूल और ट्रांसपोर्टरों की जवाबदेही तय हो

अब पुलिस सीधे स्कूल प्रबंधन और ट्रांसपोर्टरों के संपर्क में रहकर स्कूल वाहनों की गतिविधियों पर नजर रखेगी।

इस आदेश के बाद रांची में स्कूल बस और टेम्पो चलाने वालों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। वहीं अभिभावकों को उम्मीद है कि इस कार्रवाई से बच्चों का सफर ज्यादा सुरक्षित हो पाएगा।

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