रांची : झारखंड सरकार ने राज्य की जेलों की सुरक्षा व्यवस्था को हाईटेक बनाने की दिशा में बड़ा फैसला लिया है। हजारीबाग सेंट्रल जेल यानी लोकनायक जयप्रकाश नारायण केंद्रीय कारा में अब 589 अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इससे जेल परिसर की हर गतिविधि पर चौबीसों घंटे निगरानी रखी जा सकेगी। इस पूरे प्रोजेक्ट के लिए गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने 13.48 करोड़ रुपए जारी कर दिए हैं। सरकार का मकसद साफ है, जेल के अंदर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना और किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करना।
विभागीय आदेश के मुताबिक, यह राशि वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए राज्य योजना के तहत जारी की गई है। पहले इस कार्य के लिए सरकार ने 14.20 करोड़ रुपए की प्रशासनिक स्वीकृति दी थी। अब उसी के विरुद्ध करीब 13.49 करोड़ रुपए का आवंटन कर दिया गया है। यानी जेल में निगरानी सिस्टम को अपग्रेड करने की तैयारी अब अंतिम चरण में पहुंच गई है।
इतने बड़े स्तर पर कैमरे लगाए जाने के बाद उनके संचालन और देखरेख को लेकर भी सरकार ने व्यवस्था तय कर दी है। आदेश में कहा गया है कि सभी कैमरों को लगातार चालू रखने और निगरानी के लिए एक टेक्निकल ऑपरेटर और एक सुपरवाइजर की सेवा ली जाएगी। सरकार का मानना है कि सिर्फ कैमरे लगा देना काफी नहीं है, उनका लगातार काम करना और रिकॉर्डिंग सुरक्षित रहना भी उतना ही जरूरी है।
सरकार ने इस प्रोजेक्ट में पारदर्शिता और जवाबदेही पर भी खास जोर दिया है। आदेश में साफ लिखा गया है कि कैमरे लगाने और उनकी गुणवत्ता की जिम्मेदारी संबंधित जेल अधीक्षक और इंस्टॉलेशन एजेंसी की संयुक्त रूप से होगी। यदि काम में गड़बड़ी पाई जाती है या गुणवत्ता मानक के अनुसार नहीं हुई, तो एजेंसी को सीधे जिम्मेदार माना जाएगा और उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
गृह विभाग ने जेल अधीक्षक को निर्देश दिया है कि वे पूरे काम की लगातार निगरानी करें और यह सुनिश्चित करें कि काम निर्धारित एस्टीमेट, सरकारी मानकों, तकनीकी गाइडलाइन के अनुसार ही पूरा हो। विभाग ने साफ कर दिया है कि काम में लापरवाही होने पर जवाबदेही तय की जाएगी।
हजारीबाग केंद्रीय कारा राज्य की सबसे महत्वपूर्ण जेलों में गिनी जाती है। यहां कई बड़े और संवेदनशील कैदी भी रखे जाते हैं। ऐसे में 589 नए कैमरों के लगने के बाद जेल के भीतर और बाहर हर मूवमेंट रिकॉर्ड होगा, संदिग्ध गतिविधि तुरंत पकड़ी जाएगी और सुरक्षा व्यवस्था पहले से ज्यादा मजबूत होगी। सरकार का मानना है कि इससे जेल प्रशासन को नियंत्रण बनाए रखने में मदद मिलेगी और जेल सुरक्षा में किसी भी तरह की कमी की गुंजाइश कम होगी।
झारखंड सरकार का यह कदम जेलों में सुरक्षा व्यवस्था को तकनीकी रूप से मजबूत करने की दिशा में अहम माना जा रहा है। विभागीय स्तर पर संकेत मिल रहे हैं कि आने वाले समय में राज्य की अन्य जेलों में भी इसी तरह निगरानी व्यवस्था को और बेहतर बनाया जा सकता है।





