जम्मू और कश्मीर

ऑपरेशन सिंदूर: जम्मू और कश्मीर में सुरक्षा और तनाव का नया दौर

भारतीय सशस्त्र बलों ने 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया, जिसके तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में नौ आतंकी ठिकानों पर मिसाइल हमले किए गए। यह कार्रवाई 22 अप्रैल को पहलगाम में 26 पर्यटकों की हत्या के जवाब में थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे आतंकवाद के खिलाफ नई नीति करार देते हुए कहा, "ऑपरेशन सिंदूर न्याय के लिए हमारी अटल प्रतिबद्धता है।" सेना ने दावा किया कि इस ऑपरेशन में 100 से अधिक आतंकवादी और 35-40 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए, जिनमें जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा के प्रमुख आतंकी शामिल थे।

 

जम्मू और कश्मीर में इस ऑपरेशन के बाद सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। सांबा जिले में 8 मई को बीएसएफ ने घुसपैठ की कोशिश नाकाम की, और कई जिलों में सिविल डिफेंस ड्रिल आयोजित की गईं। हालांकि, पाकिस्तानी जवाबी कार्रवाई में पूंछ और राजौरी में 12 नागरिकों और एक सैनिक की मौत हुई। स्थानीय लोग डर के माहौल में हैं, और कई परिवार सीमा से दूर राहत शिविरों में चले गए। विपक्षी दलों ने ऑपरेशन की सफलता पर सवाल उठाए, लेकिन सरकार ने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए जरूरी बताया। यह ऑपरेशन जम्मू और कश्मीर की रणनीतिक स्थिति को और जटिल बना रहा है।

 

 

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